Jul 232014
 

women initiative_WASH_samarthanग्राम बसंतपुर नसरुल्लागंज ब्लॉक कार्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर बसा हुआ है, इस ग्राम पंचायत में दो गाँव बसंतपुर और पांगरी हैं, यह दोनों ग्राम वन ग्राम है, इस पंचायत के दोनों गाँव में लगभग 80% परिवार वनवासी (आदिवासी) हैं, जो वनवासी समाज के भील (बारेला) जाति से ताल्लुक रखते हैं| ग्राम बसंतपुर में कुल 219 परिवार रहते हैं, इनमें से 212 परिवार वनवासी हैं और 7 परिवार यादव (ग्वाल) समाज से ताल्लुक रखते हैं| लगभग सभी 212 गरीबी रेखा के नीचे (बी.पी.एल.) की श्रेणी में आते हैं| और जीवन-यापन के लिए मजदूरी, और  वनों में पर आश्रित हैं| मुर्गीपालन इन परिवारों का प्रमुख व्यवसाय है| परिवार अगर व्यक्तिगत शौचालय उपयोग की बात करें तो बसंतपुर ग्राम में केवल 2 परिवारों के पास व्यक्तिगत शौचालय है और 210 परिवार खुले में शौच हेतु बाहर खेत, सड़क एवं जंगल में जाते हैं|

ग्राम पंचायत बसंतपुर को सघन पंचायत में शामिल करने पूर्व पंचायत सचिव एवं सरपंच के साथ 2-3 बैठकें की और उनको ग्राम पंचायत बसंतपुर पांगरी में शौचालय निर्माण हेतु प्रेरित किया गया | Continue reading »

Jul 182014
 
Handwashing Steps Demonstration in Nasrullganj                               during School Pravesh Utsavs

Handwashing Steps Demonstration in Nasrullganj during School Pravesh Utsavs

Samarthan – Centre for Development support with the support of Water Aid is implementing an intensive project for improving water, sanitation and hygiene covering 4 blocks of Sehore district. The objective of the project is to achieve sustainable WASH by influencing behaviour change for safe water, household and environmental sanitation by collaborative efforts of beneficiaries and institutions of service delivery. The project is employing community-led approaches and actively engaging the mandated institutions of local Government and others to achieving total access to water and sanitation in the target areas. Continue reading »

Jul 182014
 

Nirmal Sehore WASH team had organized a two day workshop for masons in January 2014 which saw participation of 26 masons from 14 Gram Panchayats in Icchawar Block of Sehore District. Each Panchayat had nominated two masons for the training. Two masons who got motivated in the training program are now serving as ambassadors of safe sanitation in their Gram Panchayats for the WASH project. Akhilesh Verma, aged 26 years and Ashok Bhagban aged 27 years have resolved to make their Panchayats Open Defecation free. Both the masons have resolved to only take up toilet construction work till they achieve the goal of open defecation in their respective villages. Continue reading »

Jul 082014
 

nirmal_sehore_abhiyan_samarthanग्राम पंचायत हाथीघाट तहसील मुख्यालय नसरुल्लागंज से 10 किलोमीटर उत्तर दिशा की ओर अम्बड नदी के किनारे बसा है, हाथीघाट में 185 परिवार निवासरत हैं और गाँव की कुल जनसंख्या 1286 है, अगर जाति के आधार पर देखें तो हाथीघाट पंवार, मीना, कुशवाह एवं हरिजन बहुल गाँव है| हाथीघाट ग्राम पंचायत के पूर्व में ग्राम वडोदिया, खात्याखेडी, कोठरा पिपल्या उत्तर में ग्राम नाहरखेडा पश्चिम में ग्राम ढाडियां, पांचौर एवं दक्षिण में ग्राम रिठवाड स्थित हैं| ग्राम हाथीघाट में हर वर्ष होली के तीसरे दिन (तृतीया) पर दो दिनों का मेला लगता है जिसमे हरदोल देव की पूजा होती है, साथ ही गाँव में तीन बड़े मंदिर हैं- श्रीराम मंदिर, शिव मंदिर और हनुमान मंदिर| हर वर्ष नवरात्र में माँ दुर्गा जी की विशाल झांकी लगती है और नवरात्र भर उत्सव रहता है, इसके अलावा गाँव में हर साल महापुरुषों की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित होते है जैसे- शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान, बाल दिवस पर प्रतिभा सम्मान, संत रविदास जयंती पर हरिजन बस्ती में कार्यक्रमों का आयोजन| Continue reading »

Jun 252014
 

भारत में 250 जिलों को केंद्रीय शासन द्वारा ‘‘पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि (BRGF)‘‘ के अन्तर्गत ‘अनाबद्ध राशि’ के रूप में निश्चित राशि जारी की जाती है जिसका निर्धारण सम्बन्धित जिले की जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर किया गया है। बी.आर.जी.एफ के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है कि ‘‘जिले के विकास में मौजूदा गंभीर अंतराल को दूर करना तथा अभिसरण पद्धति पर जिला कार्ययोजना निर्माण करना’’। जिसके लिये स्थानीय स्वशासन इकाइयों (पीआरआई/युएलबी) की सहभागीता से जिले की कार्ययोजना निर्माण करने के दायित्व जिला योजना समिति को दिये गये है तथा बी.आर.जी.एफ के अन्तर्गत किस तरह के कार्य किये जाने है? कौनसे-कौनसे विकास के क्षेत्रकों को प्राथमिकता में लाना है? इस तरह के निर्णय और जिले की कार्ययोजना को अनुमोदित करने की शक्तिया भी जिला योजना समिति को प्रदाय की गई है। जिला योजना समिति के कार्यो में सहजिकरण तथा सरल करने हेतु शासन द्वारा ‘‘तकनिकी सहयोग संस्थान’’ (TSI) को हर जिले में नियुक्त किया गया Continue reading »

Jun 192014
 

Adolescents and youth represent almost one-third of the population of India. A large number of them especially the adolescents belong to tribal dominated districts like Jhabua and Mandla in Madhya Pradesh are out of school, get married early, work in vulnerable situations, are sexually active, and are exposed to peer-pressure.  These factors have serious social, economic and public health implications and affect the overall development of adolescents. This calls for interventions that are flexible and responsive to their needs.  It is important to influence the health seeking behaviour of adolescents, as their situation will be central in determining India’s health, mortality, morbidity, and population growth scenario.

Adolescents have very distinguished needs. Although health is the most vital aspect of adolescent growth and development, adolescent assigned least priority to their health and nutritional needs. Adolescents face a range of developmental issues. The two important areas included their education and work. What seems evident is that older adolescents and young adults enter transitions with the goal of becoming independently functioning adults, as they strive to meet evolving personal and career related needs. Rapid and escalating changes in labor market and post-secondary educational opportunities mean that adolescents now are confronted with the challenge of meeting their personal and career needs when neither can offer certainty or a sense of personal control. Therefore, to deal with adolescents, it is very pertinent to reflect on their wholesome development covering their health, education, entertainment, personality development and career needs.

 UNFPA has been collaborating with the Ministry of Youth Affairs and Sports to support a project on adolescent health and development with the overall objective of ensuring a healthy and safe growing up process for adolescents in out-of-school settings. This project is being implemented through the Nehru Yuva Kendra.

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जिला झाबुआ में ग्राम स्तर के आदिवासी किशोर किशोरियों को जीवनोपयोगी शिक्षा देने के उददेष्य से यू.एन.एफ.पी.ए. के सहयोग से किशोर किशोरी स्वास्थ्य एवं विकास का

र्यक्रम परियोजना चलाई जा रही हैं । जिला झाबुआ के पेटलावद ब्लाक में शगुन गार्डन एवं लाज में किशोर किशोरी स्वास्थ्य एवं विकास परियोजना के अंतर्गत दिनांक 27/5/14 से 30/5/13 तक 4 दिवसीय पीयर एजुकेटर प्रषिक्षण का आयोजन किया गया । ग्राम स्तर पर किशोर किशोरी समूह को क्षमतावान बनाने के उद्देष्य से पहले ग्राम में पहले पीयर एजुकेटर का चयन किया गया व ब्लाक स्तर पर 10 ग्रामों के 40 पीयर एजुकेटरों को प्रशिक्षित किया गया । Continue reading »

Jun 172014
 

schoolchalehum_wash_samarthanसमर्थन- सेन्टर फॉर डेवलपमेंट सपोर्ट, भोपाल द्वारा सीहोर जिले के नसरुल्लागंज, इछावर और आष्टा ब्लॉक में “निर्मल सीहोर अभियान” परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश शासन द्वारा संचालित “स्कूल चलें हम अभियान” में से जुड़कर प्रवेश उत्सव का मनाया|

समर्थन- निर्मल सीहोर अभियान के दल द्वारा स्कूल चलें अभियान के तहत् नसरुल्लागंज ब्लॉक में ३० ग्राम पंचायतों के ३० प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूलों के १४३२ बच्चों (जैसे- हाथीघाट में ६७ बच्चों, रीठवाढ में ५५ बच्चों, गुलरपुरा में ३५ बच्चों, तजपुरा में २५ बच्चों, चिचलाह कलां में ४० बच्चों, आम्बा जदीद में ५४ बच्चों, सीलकंठ में ४८ बच्चों, Continue reading »

Jun 172014
 

kanyavivahyojana_wash_samarthanदिनांक 29 मई 2014 को ब्लॉक नसरुल्लागंज में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित “मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना” के तहत् 162 जोड़ों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया| इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं उपस्थित रहे| समर्थन संस्था द्वारा  आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान सभी 162 नव-विवाहित जोड़ों को “निर्मल सीहोर अभियान” के अंतर्गत एक स्वच्छता किट दी गई जिसमे पानी निकलने वाला डंका (डंडी वाला गिलास), हाथ धोने का साबुन और स्वच्छता सन्देश आदि शामिल थे| Continue reading »

Jun 162014
 

children's wash initiatives_bal patal_wash_samarthanदिनांक 29 मई 2014 को ग्राम पंचायत बचगाँव में बच्चों के साथ समुदाय आधारित सम्पूर्ण पद्धति पर बाल चौपाल का आयोजन ग्राम पंचायत भवन बचगाँव में किया गया| बाल चौपाल का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित स्वच्छता व्यवहार के बारे में जानकारी देना एवं बच्चों को समुदाय की बीच उत्प्रेरक के तौर पर तैयार करना था ताकि घर-घर तक व्यक्तिगत स्वच्छता एवं उसके आयामों को पहुँचाया जा सके| बाल चौपाल में 7 से 14 वर्ष तक की आयु के लगभग 25 बच्चों ने भाग लिया| ये अधिकांश उन परिवारों से थे जो शौच के लिए खुले में जाते हैं| बाल चौपाल शुरुवात बच्चों को सबसे पहले कैसे मख्खी मल की मुहँ तक की यात्रा को सुगम करती है इस विषय पर एनीमेशन फिल्म “हैजे का इतिहास” दिखाकर हुई, Continue reading »

Jun 162014
 

sadhu's initiative towards clean village_samarthan दिनांक 7 जून 2014 को निर्मल सीहोर परियोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत हमीदगंज में भजन संध्या का आयोजन किया गया| भजन संध्या गाँव के मंदिर के प्रांगण में की गयी, जिसमे मंदिर की धर्मशाला में निवासरत साधु स्वामी गणेशानंद जी महाराज, जो पंतजलि योग एवं आयुर्वेद संस्थान, हरिद्वार से ग्रामीणों को योग एवं आयुर्वेद पर जागरूक कर है, को आमन्त्रित किया| भजन संध्या के दौरान स्वामी गणेशानंद जी ने स्वच्छता को आध्यात्म और योग से जोड़ा और लोगो को खुले में शौच से होने वाली बिमारियों, खुले में शौच से धार्मिक मूल्यों के पतन पर प्रकाश डाला और साथ ही ग्रामीणों को कहा की अगर हम अपने घर, गाँव को खुले में शौच से मुक्त करते है तो बीमारियाँ हमारे नजदीक नहीं भटकेंगी, साथ गाँव में हैजा, टाइफाइड, मलेरिया, चिकुनगुनिया जैसी महामारियाँ गाँव में नहीं होंगी| उन्होंने बताया की मानव जीवन होते हुए हम नारकीय जीवन जी रहे है, इससे हमको बाहर निकलना है तो हमे स्वच्छता के रास्ते में जाना होगा| Continue reading »